उत्तराखण्ड
स्कूलों की मनमानी,,,,
हल्द्वानी। स्कूलों की मनमानी पर निर्देश और ई-मेल आईडी जारी कर शिक्षा विभाग के अफसरों ने आंखें मूंद ली है। प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबों के साथ ही अन्य स्टेशनरी के लिए अभिभावकों को तय दुकानों से खरीदारी के लिए विवश किया जा रहा है। तय दुकानों का सुबूत इसी से मिल जाता है कि वहां पहुंचते ही अभिभावकों को तैयार बंडल मिल जाता है।
अभिभावकों के मुताबिक कई-कई स्कूलों का कोर्स लिए बैठे इन तय दुकानदारों के पास पहुंचने पर सबसे पहले स्कूल का नाम और फिर बच्चे की कक्षा पूछी जाती है। इसके बाद उन्हें मूल्य लिखी तैयार एक स्लिप दी जा रही है। पेमेंट करते ही उस पर पेड की मुहर लगा दी जाती है। पक्का बिल नहीं दिया जाता। स्लिप दुकान के कर्मचारी को थमाते ही बंडल थमा दिया जाता है।
नाम बताने से बचते हुए अभिभावकों ने कहा कि यदि सेटिंग न होती तो उन्हें इन दुकानों पर किताबों के नाम बताने पर ही वे मिलतीं। न कि स्कूल का नाम और कक्षा बताने पर। इन किताबों में से कुछ ही दूसरी दुकानों पर मिल पाती हैं।











