धर्म-संस्कृति
शनि अमावस्या संवत 2081 का अंतिम सूर्य ग्रहण, शनि महाराज का मीन राशि में गोचर
दिनांक 29 मार्च 2025 दिन शनिवार को शनि अमावस्या एवं संवत 2081 का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।
अमावस्या तिथि शनिवार को होने के कारण इसे शनि अमावस्या कहा कहा जाता है। इस वर्ष शनि अमावस्या तिथि पर सूर्य ग्रहण भी लग रहा है।
29 मार्च 2025 को पढ़ने वाली अमावस्या इसलिए भी विशेष है क्योंकि शनि महाराज 30 वर्षों के उपरांत पुनः मीन राशि में गोचर करेंगे जिसके कारण क्रमशः मेष राशि मीन राशि तथा कुंभ राशि में शनि की साडेसाती तथा सिंह एवं धनु राशि में शनि की ढैया प्रारंभ होगी।
मीन राशि के जातकों के लिए 29 मार्च 2025 विशेष रहेगा क्योंकि मीन राशि में षष्ठ ग्रही योग बन रहा है यानी मीन राशि में छ: ग्रहों(सूर्य+चंद्रमा+राहु+शनि+शुक्र+ बुध) की युति मीन राशि के जातकों को अनेक प्रकार से प्रभावित करेगी। 29 मार्च 2025 रात्रि 11:00 शनि का गोचर मीन राशि में होगा जिसके साथ ही मीन राशि में साडेसाती का दूसरा चरण प्रारंभ होगा शनि महाराज हृदय (मध्य भाग) में विराजमान रहेंगे। अतः सभी मीन राशि के जातकों को अग्रिम दो माह विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी।

धार्मिक मन्यतानुसार शनि अमावस्या न्याय के देवता, कर्म फल दाता शनि महाराज को समर्पित है शनि देव सकारात्मक तथा नकारात्मक कर्मों के अनुसार जातक को फल प्रदान करते हैं शनि अमावस्या पर शनि महाराज की विशेष पूजा अर्चना, पितृ पूजन, स्नान-दान करने की भी परंपरा है। तथा शनि अमावस्या पर गंगा स्नान से सभी कष्टों का नाश होता है। यदि किसी कारणवश जो जातक गंगा स्नान नहीं कर पाते हैं वे किसी भी नदी या सरोवर तट आदि में स्नान कर सकते हैं।
मुहूर्त
आमावस्या तिथि प्रारंभ 28 अप्रैल रात्रि 7:57 से 29 अप्रैल अपराह्न 4:29 तक।
उपाय
शनि अमावस्या पितरों के निमित्त ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न वस्त्र दान करें।
जिन जातकों को शनि की ढैया एवं साढ़ेसाती चल रही है उन सभी को गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए।
जिन जातकों पर शनि का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है उन सभी को शनि मंदिर में काली वस्तुओं का दान करना चाहिए।
काले कुत्ते को उड़द की दाल से बना हुआ भोजन कराएं।
शनि मंदिर में लोहे का दीपक दान करें।
11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी शनि के नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं।
वृद्ध आश्रम में भोजन तथा जल दान करें।
पितृ दोष से पीड़ित जातक पीपल के वृक्ष पर कच्चा दूध और काले तिल डालकर जल अर्पित करें सरसों के तेल से दीपक प्रज्वलित करें।

सूर्य ग्रहण
दिनांक 29 मार्च 2025 को संवत 2081 का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है जो कि भारत में दृश्य नहीं होगा ना ही इसका कोई धार्मिक महत्व होगा सूतक भी नहीं लगेगा।
परंतु आकाश मंडल में यदि कोई घटना घटित होगी तो उसका प्रभाव सभी पृथ्वी लोक के जातकों पर पड़ेगा अतः सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को सावधानियां बरतने की आवश्यकता रहेगी, जैसे किसी भी धारदार हथियार का प्रयोग ना करें जैसे चाकू छुरी सी इत्यादि इसके अतिरिक्त ग्रहण काल में भोजन करने से बचें। गीता सुंदरकांड तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
सूर्य ग्रहण स्पर्श समय रहेगा अपराह्न 02:21 पर, मध्य 04:17 पर, मोक्ष होगा सायंकाल 06:14 पर।











