उत्तर प्रदेश
प्रो. (डॉ.) राजन भटनागर ने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डीन का पदभार संभाला
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में प्रो. (डॉ.) राजन भटनागर, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, एनाटॉमी विभाग, ने संस्थान के डीन का पदभार ग्रहण कर लिया है। संस्थान द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति 6 सितम्बर 2026 से 31 अगस्त 2027, उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक, प्रभावी रहेगी। निवर्तमान डीन प्रो. (डॉ.) प्रद्युम्न सिंह ने उन्हें डीन पद का कार्यभार सौंपा।
प्रो. (डॉ.) राजन भटनागर चिकित्सा शिक्षा, अकादमिक प्रशासन एवं मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं। वे वर्तमान में संस्थान में वे एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं और उनके पास लगभग 33 वर्षों का शिक्षण अनुभव है। उन्होंने एमबीबीएस तथा एमएस (एनाटॉमी) की शिक्षा आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे से प्राप्त की है।
उनका प्रशासनिक अनुभव भी अत्यंत समृद्ध रहा है। डॉ. RMLIMS में वे पूर्व में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS), एक्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार तथा चेयरमैन, यूजी सेल जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। इससे पूर्व वे ANIIMS, पोर्ट ब्लेयर में डीन एकेडमिक्स एवं विभागाध्यक्ष तथा AFMC, पुणे में भी एनाटॉमी विभागाध्यक्ष के पद पर कार्य कर चुके हैं।
प्रो. भटनागर के 32 शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हैं तथा उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में लगभग 30 शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं। वे विभिन्न शोध परियोजनाओं तथा चिकित्सा शिक्षा से संबंधित अकादमिक गतिविधियों से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी. एम. सिंह ने प्रो. भटनागर को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके लंबे शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव से संस्थान की शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा अकादमिक व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और संस्थान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
पदभार ग्रहण करने के अवसर पर प्रो. (डॉ.) राजन भटनागर ने संस्थान के निदेशक एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि छात्र-केंद्रित चिकित्सा शिक्षा, अकादमिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ किया जाए तथा डॉ. RMLIMS को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए स्तर तक पहुंचाया जाए।
