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डीडीहाट की सड़क पर 15 साल में भी नहीं हुआ समाधान! विधायक बिशन सिंह चुफाल पर भुवन उपाध्याय ने उठाए सवाल

उत्तराखण्ड

डीडीहाट की सड़क पर 15 साल में भी नहीं हुआ समाधान! विधायक बिशन सिंह चुफाल पर भुवन उपाध्याय ने उठाए सवाल

करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क बंद होने का आरोप, निर्माण कार्यों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग

हल्द्वानी/डीडीहाट। उत्तराखंड में सड़क निर्माण और विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। आर्डन पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी के मालिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े भुवन उपाध्याय ने डीडीहाट के विधायक बिशन सिंह चुफाल के क्षेत्र में एक सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 15 वर्षों से सड़क के निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद आज तक संबंधित मार्ग पर आवागमन सुचारु नहीं हो पाया है।

भुवन उपाध्याय ने सड़क की स्थिति का वीडियो साझा करते हुए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं, बार-बार किए जा रहे खर्च और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सरकारी धन के इस्तेमाल का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।

15 साल से खर्च, फिर भी सड़क की हालत बदहाल!

भुवन उपाध्याय का कहना है कि संबंधित सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनके अनुसार, करीब एक से डेढ़ किलोमीटर के हिस्से में लगातार काम होने के बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने वर्षों से इस मार्ग पर काम कराया जा रहा है, तो आखिर इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जा सका?

उन्होंने सड़क की तकनीकी स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मिट्टी बहने या अन्य भौगोलिक कारणों से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है, तो समस्या के अनुरूप आरसीसी अथवा अन्य टिकाऊ तकनीकी विकल्प अपनाए जा सकते हैं। उनका आरोप है कि बार-बार मरम्मत और मशीनों से सड़क को समतल करने के बजाय स्थायी निर्माण पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

ठेकेदार और निर्माण कार्यों की जांच की मांग

भुवन उपाध्याय ने सत्याल नाम के एक ठेकेदार का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पिछले करीब 15 वर्षों से एक ही एजेंसी इस सड़क पर काम करती आ रही है। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रक्रिया, ठेके आवंटित करने के तरीके और खर्च की गई धनराशि का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

उन्होंने विधायक बिशन सिंह चुफाल और संबंधित ठेकेदार के बीच कथित मिलीभगत तथा कमीशन को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी तरह की अनियमितता या मिलीभगत की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकती है।

विधायक के लंबे कार्यकाल पर भी उठाए सवाल

भुवन उपाध्याय ने विधायक बिशन सिंह चुफाल के लंबे राजनीतिक कार्यकाल का जिक्र करते हुए पूछा कि इतने वर्षों बाद भी सड़क की समस्या का समाधान क्यों नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध करा रही है, ऐसे में सड़क की बदहाली और निर्माण कार्यों में देरी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार से भी इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उनका कहना है कि सरकारी धन जनता की सुविधा के लिए खर्च किया जाता है और प्रत्येक विकास कार्य में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

जेसीबी से सड़क समतल करने पर उठाए सवाल

भुवन उपाध्याय ने सड़क पर जेसीबी से किए जा रहे कार्य पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि यदि सड़क पर वाहन चलने की स्थिति नहीं है, तो केवल मशीन से सड़क को समतल करने से समस्या का समाधान कैसे होगा?

उन्होंने संबंधित विभाग के तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप निर्माण कार्य होना चाहिए। यदि तकनीकी खामियों या विभागीय लापरवाही के कारण सड़क बार-बार खराब हो रही है, तो इसकी जांच की जानी चाहिए।

बजट का हिसाब सार्वजनिक करने की चेतावनी

भुवन उपाध्याय ने कहा कि वह पिछले 15 वर्षों में सड़क पर खर्च की गई धनराशि, निर्माण कार्य करने वाली एजेंसियों और संबंधित कार्यों का पूरा विवरण जुटाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह संबंधित पक्षों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।

उन्होंने सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और मार्ग का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

अब संबंधित विभाग और विधायक के जवाब का इंतजार

इस मामले में भुवन उपाध्याय के आरोपों के बाद सड़क निर्माण पर खर्च हुए बजट, कार्यदायी संस्था, निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी की भूमिका की जांच की मांग उठी है। यदि आरोपों के समर्थन में दस्तावेज सामने आते हैं, तो वे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल विधायक बिशन सिंह चुफाल, संबंधित ठेकेदार और विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मुख्य सवाल यही है कि यदि सड़क पर वर्षों से काम हो रहा है, तो आम जनता को सुचारु आवागमन की सुविधा कब मिलेगी?

प्रतिपक्ष संवाद उत्तराखंड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने क्षेत्र की ख़बरों को प्रसारित करने हेतु हमसे संपर्क करें  – [email protected]

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