उत्तराखण्ड
स्कूलों में अब वेद-उपनिषद और पुराणों की भी मिलेगी जानकारी : मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के साथ-साथ वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथों की जानकारी भी दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की आयु और उनकी रुचि के अनुरूप सरल एवं सहज माध्यम तैयार किए जाएं, ताकि विद्यार्थी भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत साहित्य से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भाषा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, दर्शन और ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा को समझने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री को अधिक रोचक और सरल बनाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने के लिए विद्यालय स्तर से ही प्रभावी प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। इसके लिए वेद, उपनिषद और पुराणों सहित महत्वपूर्ण ग्रंथों की मूल भावना को बच्चों तक सरल भाषा में पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
