उत्तर प्रदेश
सार्थक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ शुरू।
लखनऊ:डॉ. दुर्गेश कुमार द्विवेदी ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंच पर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का प्रतिनिधित्व करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अमेरिका के मिसौरी विश्वविद्यालय, कोलंबिया स्थित स्कूल ऑफ मेडिसिन के एकफ ऑडिटोरियम में आमंत्रित व्याख्यान दिया। अवकाश अवधि के बावजूद, इस सत्र में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति रही और वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्टों, जिनमें वाइस चेयर भी शामिल थे, के साथ सार्थक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ।
अपने संबोधन में डॉ. द्विवेदी ने बताया कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रतिदिन 10,000 से अधिक ओपीडी मरीजों को सेवा प्रदान करते हुए लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। विश्वविद्यालय न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि नेपाल से आने वाले मरीजों को भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने विभाग में उपलब्ध उन्नत एमआरआई तकनीकों तथा ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी, माइक्रोस्ट्रक्चरल इमेजिंग, क्लिनिकल एमआरआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और किडनी ट्यूमर पर चल रहे शोध कार्यों को भी प्रस्तुत किया।
डॉ. द्विवेदी ने ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी में माइक्रोस्ट्रक्चरल इमेजिंग से संबंधित अपने अग्रणी शोध कार्य को भी प्रस्तुत किया, जिसमें उन्नत एमआरआई तकनीकों जैसे NODDI (न्यूराइट ओरिएंटेशन डिस्पर्शन एंड डेंसिटी इमेजिंग) और SMT (स्फेरिकल मीन टेक्नीक) का उपयोग किया गया है। इस कार्य की शुरुआत उन्होंने उत्तर प्रदेश में पहली बार की। यह नवाचार श्वेत पदार्थ क्षति के सटीक आकलन, शीघ्र निदान, व्यक्तिगत उपचार और बेहतर चिकित्सीय परिणामों में सहायक है।
डॉ. के. के. सिंह के अनुसार, डॉ. द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि ये सभी उपलब्धियां कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर सहयोग के कारण संभव हो सकी हैं, जिससे रेडियोडायग्नोसिस विभाग एवं संपूर्ण विश्वविद्यालय को मजबूती मिली है। उन्होंने वैश्विक मंच पर KGMU की प्रगति और नवाचार साझा करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनित परिहार ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त की और विश्वास जताया कि भविष्य में भी अनेक शैक्षणिक और शोध संबंधी उपलब्धियां हासिल होंगी, जिससे KGMU की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और अधिक सुदृढ़ होगी।
