उत्तर प्रदेश
जन-जागरूकता अभियान!
पिछले दो वर्षों से वात्सल्य, अपने साझेदार गैर-लाभकारी सगठनों के सहयोग से मंच FAWA (फोरम फॉर एडवांसिंग विमेन्स एजेंडा) द्वारा उत्तर प्रदेश में कैंसर की रोकथाम एवं प्रारंभिक पहचान पर जन-जागरूकता अभियान का संचालन कर रहा है। हाल ही में FAWA के सहयोग से प्रदेश के 16 जिलों- प्रतापगढ़, फतेहपुर, लखीमपुर खीरी, बागपत, मऊ, संभल, जौनपुर, वाराणसी, उरई (जालौन), चित्रकूट, बाराबंकी, प्रयागराज, फिरोजाबाद, सीतापुर, लखनऊ एवं बहराइच में 15 दिवसीय सघन अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इस अभियान के माध्यम से कैंसर जांच शिविरों, जागरूकता कियोस्क, प्रचार वाहनों, सूचना सामग्री तथा सोशल मीडिया के माध्यम से कुल 1,36,048 048 लोगों तक पहुंच बनाई गई।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ नऊ के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के सहयोग से, वात्सल्य द्वारा इस अभियान का समापन कार्यक्रम 29 जनवरी 2026 को ब्राउन हॉल, केजीएमयू, लखनऊ में आयोजित किया गया
इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान एवं समय पर उपचार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं को प्रभावित करने वाले कैंसर- विशेषकर सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर पर फोकस किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय राज्य मंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश मयंकश्वर शरण सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया जाएगा।
इस अवसर पर कुलपति, केजीएमयू, प्रो. सोनिया नित्यानंदा विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा प्रो. आनंद मिश्रा, विभागाध्यक्ष, एंडोक्राइन सर्जरी एवं प्रो. उमा सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष, क्चीन मैरी हॉस्पिटल सम्मानित अतिथियों के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त डॉ. पूजा रामकांत, प्रोफेसर, एंडोक्राइन सर्जरी विभाग सहित केजीएमयू के अन्य फैकल्टी सदस्य वक्ता एवं पैनल सदस्य के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र, कैंसर जागरूकता फिल्म का प्रदर्शन, विशेषज्ञ व्याख्यान, इंटरएक्टिव जागरूकता गतिविधियाँ, एमबीबीएस छात्रों द्वारा कैंसर जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, नवीनतम जांच एवं उपचार विधियों पर चर्चा तथा कैंसर रजिस्ट्रियों से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही ब्रेस्ट सेल्फ एग्ज़ामिनेशन (BSE) पर एक हैंड्स-ऑन कार्यशाला, डॉ. प्रत्युषा गोड़ी, सहायक प्रोफेसर, एंडोक्राइन सर्जरी विभाग, केजीएमयू द्वारा आयोजित की जाएगी। चर्चाओं में नागरिक समाज संगठनों एवं चिकित्सा संस्थानों के बीच सहयोग के महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा।
वात्सल्य एक नागरिक समाज संगठन है, जो सोसायटीज़ रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है तथा इसकी स्थापना वर्ष 1995 में चिकित्सकीय पेशेवरों के एक समूह द्वारा की गई थी। संगठन उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में महिलाओं के स्वास्थ्य, बाल अधिकार, लैंगिक समानता तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर निरंतर जागरूकता, जन-समर्थन एवं क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से कार्य कर रहा है। अपने मंच FAWA (फोरम फॉर एडवांसिंग वूमेन एजेंडा) के माध्यम से वात्सल्य गैर-लाभकारी संगठनों, चिकित्सा संस्थानों एवं सामुदायिक हितधारकों के साथ मिलकर महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी पहलों को सुदृढ़ करने हेतु कार्य करता है।
