उत्तर प्रदेश
किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ के स्टाफ़ द्वारा घायल मरीज़ को ढूंढ कर उन्हें उनके घर तक पहुँचाया गया
लखनऊ:किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता ने बताया कि एक डेस्टिट्यूट मरीज केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में 22 दिसंबर को बाराबंकी के एक राहगीर के द्वारा लाया गया था जिसे वह मरीज घायल और बेहोश अवस्था में रेलवे ट्रैक के पास मिला था। मरीज बेहोशी की हालत में था और सीटी स्कैन पर पता चला कि ब्रेन में ब्लीडिंग है। उसका तुरंत ऑपरेशन किया गया और आईसीयू में रखा गया। धीरे-धीरे वह होश में आने लगा और अपने और अपने परिवार के कुछ लोगों के नाम लेने लगा जैसे डिजिल सोरेन, दखिन सोरेन, कनई सोरेन इत्यादि। कुछ समय बाद उसने बताया कि वह चिकुलिया थाना में बर्डी कानपुर गांव का रहने वाला है। यह जगह झारखंड में पड़ती है और वहां के पुलिस के माध्यम से इसके गांव वालों को खोज कर उनसे संपर्क किया गया। उन लोगों ने बताया कि यह व्यक्ति उनका भाई है और लगभग 8 वर्ष पहले 12 वर्ष की अवस्था में घर से लापता हो गया था। तभी से परिवार वाले अपने इस बच्चे को खोज रहे थे पर उन्हें अभी तक मिला नहीं था। बच्चों की बुद्धि भी सामान्य से कम थी। उन लोगों के पास मरीज का आधार कार्ड भी था और उन लोगों को बुलवाया गया और दिनांक 3 जनवरी 2025 को मरीज को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
मरीज की सेवा में न्यूरो सर्जरी के ट्रामा सेंटर के फर्स्ट फ्लोर के वार्ड की सिस्टर इंचार्ज रजनी सिंह और उनकी टीम ने बहुत मेहनत की और मरीज के घर वालों को ढूंढने और उन्हें बुलाने में न्यूरो सर्जरी के टेक्नीशियन अतुल उपाध्याय जी ने बहुत प्रयत्न किया।
अब तक न्यूरो सर्जरी विभाग द्वारा 200 से भी ज्यादा डेस्टिट्यूट मरीजों के घर ढूंढ कर उन्हें उनके घर तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है।

वाइस चांसलर प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने इस मामले में उस राहगीर को बहुत बधाई दी है जो मरीज को घायल अवस्था में लेकर आया, साथ ही पूरी न्यूरोसर्जरी टीम को मरीज का पूर्ण इलाज मुफ्त में पूरी तनमय्यता से करने के लिए और बाद में उसके घर परिवार वालों को ढूंढ कर उन्हें बुलाने और मरीज को घर परिवार को सुपुर्द करने के लिए ढेंरों आशीर्वाद और बधाइयां दी है।
