उत्तराखण्ड
पवन खेड़ा के खिलाफ बागेश्वर कोतवाली में प्राथमिकी की मांग, राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय ने दी तहरीर
बागेश्वर। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा द्वारा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर कथित तौर पर सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार माध्यमों में दिए गए बयानों के संबंध में उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय ने कोतवाली बागेश्वर में तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस से मामले में प्राथमिकी दर्ज कर सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
भूपेश उपाध्याय का आरोप है कि पवन खेड़ा ने राजनीतिक द्वेष की भावना से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विरुद्ध झूठे एवं अनर्गल आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया।
राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय ने अपने बयान में पवन खेड़ा के वर्ष 2026 के असम विवाद का भी उल्लेख किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की शिकायत पर पवन खेड़ा के खिलाफ वहां FIR दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस मामले में मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं का उल्लेख किया गया था।
भूपेश उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार विकास एवं जनहित के कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की छवि को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद भाजपा द्वारा कथित रूप से मंच के शुद्धीकरण को लेकर सामने आए विवाद का भी उल्लेख किया और इसे कांग्रेस तथा भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताया।
भूपेश उपाध्याय ने कहा कि उनके द्वारा पुलिस के समक्ष दी गई तहरीर पर अब कानून के अनुसार जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।
