उत्तराखण्ड
भारतवर्ष के लिए कैसा रहेगा 2026
भारतवर्ष के लिए कैसा रहेगा 2026
सभी सनातनीय पाठकों, धर्मावलंबियों को सादर नमस्कारम, आप सभी को आंग्ल नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।
सांसारिक ग्रहाधीन ईश्वरीय व्यवस्था प्रतिवर्ष नवीन रूपों को प्राप्त होती है जैसी पद व्यवस्था प्राप्त होगी, वैसी ही सांसारिक व्यवस्थाऐं निर्मित होंगी।
आइए जानते हैं 2026 में भारतवर्ष पर ग्रह नक्षत्रों का प्रभाव रहने कैसा वाला है—
2026 का आगमन गुरुवार को कृतिका नक्षत्र, कन्या लग्न (रात्रि 12बजे) में हो रहा है। नव वर्ष पर सूर्योदय के समय चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान होकर जातकों के मन में विशेष ऊर्जा का संचार करेंगे। गुरु मिथुन राशि में वक्री, सूर्य बुध मंगल तथा शुक्र का गोचर धनु में तथा शनि मीन राशि में चलित रहेंगे।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे एवं मंत्री पद भूमि पुत्र मंगल देव को प्राप्त होगा ।
वर्ष 2026 में जनवरी माह में ही 4 बड़े ग्रह राशि परिवर्तन कर रहे हैं। जिसमें 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में गोचर करेंगे, 16 जनवरी को मंगल भी मकर राशि में प्रवेश करेंगे, 17 जनवरी को बुध ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे जबकि शुक्र ग्रह 13 जनवरी 2026 से ही मकर राशि में विराजमान रहेंगे। जोकि जनवरी माह में चतुर्थ ग्रही योग का निर्माण कर जनवरी माह की महत्ता को विशेष बनाएंगे।
आंग्ल वर्ष 2026 में भारत के साथ–साथ देश दुनिया में आप–हम सभी को अनेक प्रकार से उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। वैश्विक राजनीति में अनेक राष्ट्र आंतरिक शक्ति को बढ़ावा देने एवं विकास हेतु तत्पर रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र सभा की भूमिका अहम होगी। प्रमुख विदेशी शक्ति द्वारा गुप्त रूप से विदेशी षड्यंत्र व और सामाजिक अराजकतत्वों तथा सत्ता विरोधियों, भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा सत्ता परिवर्तन संभव हो सकता है, यूरोप तथा अरब क्षेत्रीय सीमा पर सैन्य गतिविधियां तेज हो सकती हैं। किसी धार्मिक स्थल पर दुर्घटना से क्षति संभव है। वर्ष 2026 में स्त्रियों की मृत्यु अधिक देखी जाएगी। किसी जीवन रक्षक औषधि निर्माण व शोध कार्य में सफलता प्राप्त होगी। राजनीति में विशेष कानून व्यवस्था लागू होने के योग बन रहे है। विश्व के अनेक देश भारतवर्ष के साथ व्यापारिक संबंध बनाने को कदम बढ़ाएंगे। पश्चिमी देशों में राजनीतिक संकट गहराएगा। धार्मिक उन्माद तथा साम्प्रदायिक तनाव बढ़ेगा। भयानक विस्फोटक वातावरण से आंतरिक अशांति बनेगी। विश्व के प्रमुख देशों के मध्य युद्ध का भय बना रहेगा। अनेक देशों में प्राकृतिक प्रकोप से जन धन की हानि होने की संभावना।
भारत में केंद्र सत्ता तथा राज्यों के मध्य विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। देश में भूमि सुधार हेतु विशेष कानून पारित होगा, कृषि क्षेत्र उत्पादन, भवन निर्माण तथा खनिज उद्योगों में लाभ प्राप्त होगा।
व्यापार के दृष्टिकोण से 2026 भारतवर्ष के लिए अत्यंत शुभ फल कारक रहेगा। भारत विश्व भर में व्यापार के माध्यम से नए आयाम स्थापित करेगा। विदेशनीति के कारण भारत विश्व विख्यात होगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से पर्यटन के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होगी। आम जन मानस के लिए रोजगार के सुअवसर प्राप्त होंगे तथा आय में बढ़ोतरी होगी। सभी व्यापारी वर्ग को वर्ष भर आय में उतार चढाव देखने को मिलेंगे, शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित व्यापार में विशेष सफलता प्राप्त होगी साथ ही औषधि तथा भूमि संबंधित व्यापारियों को विशेष लाभ वर्ष भर प्राप्त होता रहेगा।
मौसम/प्राकृतिक घटनाओं के दृष्टिकोण से यह वर्ष मध्यम फल कारक रहेगा। विश्व के अनेक स्थानों पर अग्निकांड एवं बम विस्फोट, वायु संबंधी दुर्घटना तथा चक्रवार्ती प्राकृतिक प्रकोप से जन हानि होगी, किसी खाद्यान्न दुर्घटना अथवा सरकारी भवन में अपघात तथा अग्निकांड से जन हानि की संभावना, आग्नेय अस्त्रों का प्रयोग भी प्रचुरता से होता दिखाई देगा। आंधी–तूफान, खंडवृष्टि और भूकंप, जलप्रलय आदि प्रकोपों से आम जनमानस का जीवन अस्त-व्यस्त रहेगा। वर्षा मध्यम रहेगी। वर्ष प्रारंभ में सूखे की स्थिति उत्पन्न होगी। अन्नोत्पाद्न भी मध्यम रहेगा। विघ्न बाधा, विपत्ति दंगा फसाद, फसल को हानि पहुंचाने वाले उपद्रव– अतिवृष्टि, अनावृष्टि, जीव-जंतुओं, पक्षियों आदि से फसल को हानि एवं राष्ट्र में तनाव की संभावना रहेगी। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश आदि पर्वतीय राज्यों में अधिक वर्षा के कारण भूस्खलन, भूकंप आदि समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से 2026 भारत वर्ष हेतु अनुकूल रहेगा–
देश की सीमाओं पर अनेक प्रकार के उपद्रव, आतंकवाद का भय बना रहेगा। भारत के शत्रु देशों द्वारा बनाई गई योजनाएं विफल होंगी। भारत की कूटनीति सफल रहेगी।महंगाई नियंत्रित करने में शासन विफल रहेगा।
भारतीय राजनीति राष्ट्रवाद व धर्मनिरपेक्षवाद की दो धाराओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। राष्ट्रवाद के नाम पर राजनीतिक पार्टियां सत्तासीन होंगी। रक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
स्वास्थ्य के परिपेक्ष से वर्ष 2026 सामान्य फल कारक रहेगा।
अनेक गंभीर बीमारियों का भय बना रहेगा। रक्त संबंधी तथा यकृत (लीवर) संबंधी गंभीर रोगों का भय वर्ष भर बना रहेगा। वर्ष के उत्तरार्द्ध में शीत ठंड जनित बीमारियों का भय रहेगा।
ज्योतिषाचार्य डॉ मंजू जोशी
83958 06256
